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प्रधानमंत्री ने की BAFTA अवार्ड्स में 'BOONG' की जीत की तारीफ, कहा- 'मणिपुर के लिए ख़ुशी का पल'

By: GTC News Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: February 24th 2026 04:09 PM

प्रधानमंत्री ने की BAFTA अवार्ड्स में 'BOONG' की जीत की तारीफ, कहा- 'मणिपुर के लिए ख़ुशी का पल'
प्रधानमंत्री ने की BAFTA अवार्ड्स में 'BOONG' की जीत की तारीफ, कहा- 'मणिपुर के लिए ख़ुशी का पल'

नई दिल्ली, भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुरी भाषा की डेब्यू फीचर फिल्म ‘Boong’ को 2026 के BAFTA अवॉर्ड्स में चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में जीत हासिल करने पर फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बधाई। यह वास्तव में अत्यंत हर्ष का क्षण है, विशेषकर मणिपुर के लिए। यह हमारे देश की अपार रचनात्मक प्रतिभा को भी दर्शाता है।”

भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो देश की कहानी कहने की कला और रचनात्मक क्षमता को प्रदर्शित करता है। ‘Boong’ का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है और इसका निर्माण फरहान अख्तर, विकेश भूटानी, एलन मैकएलेक्स, रितेश सिधवानी और शुजात सऊदागर ने किया है। यह समारोह में नामांकित होने वाली एकमात्र भारतीय फिल्म थी और अब यह BAFTA में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म श्रेणी में जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है।

पुरस्कार समारोह लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित किया गया, जहां फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, लक्ष्मीप्रिया देवी और एलन मैकएलेक्स सहित फिल्म की टीम सम्मान प्राप्त करने के लिए उपस्थित रही। इस श्रेणी में फिल्म का मुकाबला ‘Zootopia 2’, ‘Lilo & Stitch’ और ‘Arco’ जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों से था, लेकिन अंततः ‘Boong’ ने जीत हासिल की।

दिल को छू लेने वाली है फ़िल्म की कहानी

बड़ी जीत के बाद अपनी खुशी व्यक्त करते हुए निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी ने कहा कि मणिपुर की जड़ों से जुड़ी कहानी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाना उनके लिए बेहद भावुक क्षण है। उन्होंने बताया कि ‘Boong’ का अर्थ उनकी भाषा मणिपुरी में ‘छोटा लड़का’ होता है। डेडलाइन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “यह एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो अपनी मां के लिए एक बहुत खास तोहफा लाना चाहता है। वह सोचता है कि अपने लंबे समय से लापता पिता को खोजकर लाना ही अपनी मां के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा। यही इस फिल्म की मूल कहानी है।”

निर्माता फरहान अख्तर ने निर्देशक के साथ अपने लंबे संबंधों और इस परियोजना का समर्थन करने के कारणों पर कहा, “लक्ष्मीप्रिया देवी और मैं करीब 20 वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं। यह उनकी पहली फिल्म है बतौर निर्देशक, इसलिए उनके जीवन का यह बेहद खास पल है। और हमें खुशी है कि हम इसका हिस्सा हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यह फिल्म भारत के उस क्षेत्र में आधारित है, जहां से बहुत कम फिल्में देखने को मिलती हैं। ऐसे क्षेत्र का समर्थन करना अच्छा लगा। साथ ही, यह एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाली कहानी है, इसलिए इसे समर्थन देना स्वाभाविक लगा।”

कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में हुआ है इस फिल्म का प्रदर्शन

फिल्म का पहला प्रदर्शन 2024 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के डिस्कवरी सेक्शन में हुआ था। इसके बाद इसे वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024, मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल 2024, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया और इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2025 सहित कई वैश्विक फिल्म समारोहों में प्रदर्शित किया गया।