पंजाब के अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय जल्द ही पंजाबी भाषा सीखने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य दुनिया भर में बसे पंजाबी समुदाय को अपनी भाषा से जोड़ना है।
विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित होने वाले विश्व पंजाबी सम्मेलन के दौरान इस कार्यक्रम की घोषणा की गई। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से भाषा सीखना अधिक प्रभावी और आसान हो सकता है।
यह कार्यक्रम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे विदेशों में रहने वाले लोग भी आसानी से पंजाबी भाषा सीख सकेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, एआई आधारित शिक्षा प्रणाली छात्रों की सीखने की गति और क्षमता के अनुसार सामग्री प्रदान कर सकती है। इससे भाषा सीखने की प्रक्रिया अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी बनेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस पहल से पंजाबी भाषा और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
तकनीक और शिक्षा के इस संयोजन को राज्य में डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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