नई दिल्ली, भारत: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को पंजाब के मोगा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। इसे 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। शीर्ष भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह रैली राज्य में पार्टी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत हो सकती है। अमित शाह पार्टी कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेतृत्व और समर्थकों को संबोधित करते हुए आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक रोडमैप और रणनीति की रूपरेखा पेश कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, रैली का आयोजन किल्ली चहल गांव में किया जाएगा, जहां से गृह मंत्री 2027 की चुनावी लड़ाई का बिगुल फूंक सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस स्थान का चयन रणनीतिक दृष्टि से किया गया है। मोगा, पंजाब के राजनीतिक रूप से अहम मालवा क्षेत्र में स्थित है, जहां राज्य की सबसे अधिक विधानसभा सीटें आती हैं और जो अक्सर चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी के लिए मालवा क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन करना बेहद जरूरी है।
ਖਿੱਚ ਲੋ ਤਿਆਰੀਆਂ। 14 ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਮੋਗਾ ਵਿੱਖੇ ਮਾਣਯੋਗ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਜੀ ਦੀ ਹਾਜ਼ਰੀ ਵਿੱਚ 'ਮਿਸ਼ਨ 2027' ਦੇ ਸੰਕਲਪ ਨਾਲ ਨਵੇਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਨੀਂਹ ਰੱਖਾਂਗੇ।#Mission2027 #NavaPunjab #AmitShahInPunjab #MogaRally #PunjabPolitics #BJP4Punjab
— Ravneet Singh Bittu (@RavneetBittu) February 26, 2026
राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना
रैली में पंजाब भर से पार्टी नेताओं के साथ-साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में सुशासन, विकास योजनाएं, कानून-व्यवस्था, किसानों, युवाओं और उद्योग जगत से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच यह रैली पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और 2027 विधानसभा चुनावों से पहले सक्रिय चुनावी अभियान की शुरुआत का संकेत मानी जा रही है।
इस बीच, अमित शाह ने गुरुवार को वीर सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें “अद्वितीय योद्धा” बताया और भारत की स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को सराहा। सीमा चौकियों ‘लेती’ और ‘इंदरवा’ के उद्घाटन और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की विभिन्न परियोजनाओं के ई-उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए शाह ने कहा कि सावरकर की लेखनी ने पूरे देश में राष्ट्रभक्ति की लहर पैदा की।