कोयंबटूर, तमिलनाडु: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों का बचाव करते हुए और परिसीमन को लेकर उठ रही चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नायडू ने विपक्षी दलों पर दक्षिण भारत को गुमराह करने और दशकों से सुधारों को रोकने का आरोप लगाया।
एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करते हुए नायडू ने विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का जोरदार समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी 1996 से लगातार महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करते रहे हैं और उन्हें “सुधार विरोधी ताकतें” बताया, जिन्होंने लगभग तीन दशकों तक महिलाओं को न्याय मिलने में देरी की।
#WATCH | Coimbatore, Tamil Nadu: On the opposition's allegations regarding the delimitation and women's bill, Andhra Pradesh Chief Minister N Chandrababu Naidu says, "What is the logic? There must be some logic to an argument. If the seats are increased by 50% per seat, what is… pic.twitter.com/GS37cxLFjT
— ANI (@ANI) April 20, 2026
सीएम नायडू ने समझाया लोकसभा सीटों का हिसाब
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर और उसमें 33% आरक्षण देकर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस आशंका को खारिज किया कि दक्षिण भारत की प्रतिनिधित्व क्षमता कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा सीटों में प्रस्तावित 50% वृद्धि से सभी राज्यों को समान लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत की मौजूदा 130 सीटें बढ़कर लगभग 195 हो सकती हैं, जिसमें तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 और आंध्र प्रदेश की सीटें 25 से बढ़कर 38 हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने 2026-27 में नई जनगणना के आधार पर परिसीमन की मांग को लेकर विपक्ष की कड़ी आलोचना की। नायडू के अनुसार, ऐसा कदम दक्षिण भारत को नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि जनसंख्या नियंत्रण में उसकी सफलता के कारण संसद में उसकी हिस्सेदारी कम हो सकती है।
कांग्रेस और सहयोगियों पार्टियों को लिए आड़े हाथों
मुख्यमंत्री ने इस मांग के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि दक्षिणी राज्यों को होने वाले किसी भी नुकसान के लिए वही जिम्मेदार होंगे। नायडू ने याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में उन्होंने अपडेटेड जनगणना के आधार पर परिसीमन का विरोध किया था, जिसके चलते 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों को फ्रीज किया गया था, ताकि दक्षिणी राज्यों के हितों की रक्षा हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रस्ताव यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम न हो, बल्कि कुल सीटों में वृद्धि हो। परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों के बीच नायडू के बयान आगामी चुनावों से पहले विपक्ष को घेरने के लिए एनडीए की रणनीति को और तेज करने का संकेत देते हैं।