कोलकाता, पश्चिम बंगाल: ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को पत्र लिखकर पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) के रूप में मान्यता देने की मांग की है।

TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी ने विधानसभा में अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए भी नाम प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत अशीमा पात्रा और नयना बंद्योपाध्याय को उपनेता विपक्ष, जबकि फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।

 टीएमसी ने दिया 2021 का हवाला 

विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में TMC ने कहा कि इन नियुक्तियों को विधानसभा की दशकों पुरानी परंपरा और स्थापित प्रक्रियाओं के आधार पर मान्यता दी जानी चाहिए। पत्र में वर्ष 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 के उदाहरणों का उल्लेख किया गया है, जब विभिन्न दलों द्वारा सुझाए गए नेताओं को विधानसभा अध्यक्षों ने मान्यता दी थी। TMC ने 2021 का भी हवाला दिया, जब भाजपा द्वारा सुवेंदु अधिकारी को विपक्ष का नेता नामित किया गया था और तत्कालीन अध्यक्ष ने उसे स्वीकार कर लिया था।

 शोभनदेब चट्टोपाध्याय, अन्य नामित नेताओं को मान्यता देने की अपील

TMC ने यह भी कहा कि हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद हुई कार्यवाही के दौरान शोभनदेब चट्टोपाध्याय की भूमिका को सदन में स्वीकार किया गया था। पार्टी ने अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि स्थापित परंपरा और पूर्व उदाहरणों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द शोभनदेब चट्टोपाध्याय और अन्य नामित नेताओं को औपचारिक मान्यता दी जाए।

गौरतलब है कि हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 206 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई, जबकि टीएमसी 81 सीटों के साथ विपक्ष में बैठी है।