नई दिल्ली: भारत ने रविवार को चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की हालिया कोशिशों को सख्ती से खारिज कर दिया और इसे “काल्पनिक नामकरण” बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, “भारत चीनी पक्ष द्वारा भारत के क्षेत्र के हिस्सों को काल्पनिक नाम देने की किसी भी शरारतपूर्ण कोशिश को पूरी तरह खारिज करता है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम बदलने से किसी क्षेत्र की संप्रभुता नहीं बदलती। उन्होंने कहा कि “चीन के ऐसे झूठे दावे और निराधार कथानक इस सच्चाई को नहीं बदल सकते कि ये क्षेत्र, जिनमें अरुणाचल प्रदेश भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे।”
Our response to media queries regarding China giving fictitious names to places ⬇️🔗 https://t.co/j6WPzitrh2 pic.twitter.com/NDK1ZACyUZ
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 12, 2026
चीन की एकतरफा कार्रवाई से नकारात्मक असर पड़ेगा
रणधीर जयसवाल ने यह भी कहा कि चीन की इस तरह की एकतरफा कार्रवाई से दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य करने के प्रयासों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब चीन ने शिनजियांग क्षेत्र में एक नया काउंटी “Cenling” बनाने की खबरें सामने आई हैं, जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और भारत की सीमाओं के पास स्थित है।
इस काउंटी को शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र सरकार ने 26 मार्च को मंजूरी दी है और यह काशगर प्रीफेक्चर के अंतर्गत आएगा। यह इलाका काराकोरम रेंज के पास स्थित है, जो इसे भू-राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है।
भारत ने पहले भी आपत्ति दर्ज कराई है
यह पिछले एक साल में तीसरी बार है जब चीन ने शिनजियांग में नया प्रशासनिक क्षेत्र बनाया है। इससे पहले “Hean” और “Hekang” काउंटी को लेकर भी भारत ने आपत्ति जताई थी, क्योंकि इन क्षेत्रों का कुछ हिस्सा भारत के लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा माना जाता है।
Hean, Kashgar क्षेत्रों को लेकर भी रहा विवाद
विशेष रूप से “Hean” काउंटी अक्साई चीन के बड़े हिस्से को कवर करता है, जो 1962 के युद्ध के बाद से चीन के कब्जे में है, लेकिन भारत इसे अपना हिस्सा मानता है। इसके अलावा, कशगर (Kashgar) ऐतिहासिक रूप से सिल्क रोड का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का शुरुआती बिंदु भी है, जिस पर भारत पहले भी आपत्ति जता चुका है।
हालांकि “Cenling” काउंटी की सटीक सीमाएं अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों के पास इसकी स्थिति चीन की गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ाती है।