हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। शिमला, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों में सड़कों पर जमी बर्फ हटाने के लिए मशीनों और कर्मचारियों की टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई थी, जिसे बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को खोलने को प्राथमिकता दी गई है ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रहे। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को भी सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
बर्फबारी से सेब और अन्य फसलों को आंशिक लाभ होने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि पर्याप्त ठंड से फलों की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। हालांकि कुछ किसानों ने अत्यधिक बर्फ से बागानों को नुकसान की आशंका भी जताई है।
स्कूलों में सुरक्षा को देखते हुए कुछ जिलों में अवकाश घोषित किया गया है। परिवहन विभाग ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय चेन और विशेष टायर के उपयोग की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी राज्यों में इस तरह की मौसमी चुनौतियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना आवश्यक है। सरकार का दावा है कि आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया गया है और भविष्य में बेहतर तैयारी की जाएगी।
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