हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों ने फसल के लिए बेहतर समर्थन मूल्य की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि परिवहन और पैकेजिंग लागत में वृद्धि से उनकी आय प्रभावित हो रही है। राज्य के कई जिलों में किसान संगठनों ने बैठक कर अपनी रणनीति तय की।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि सेब की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की जाए। बागवानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम पैटर्न के कारण उत्पादन लागत बढ़ रही है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि किसानों की मांगों पर विचार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सेब उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे संरक्षण की आवश्यकता है।
यदि किसानों की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जाते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता बढ़ सकती है।