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Lucknow University: मुग़लकालीन लाल बारादरी की घेराबंदी पर विरोध, नमाज़ के लिए प्रवेश रोके जाने का आरोप

By: GTC News Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: February 23rd 2026 03:14 PM

Lucknow University: मुग़लकालीन लाल बारादरी की घेराबंदी पर विरोध, नमाज़ के लिए प्रवेश रोके जाने का आरोप
Lucknow University: मुग़लकालीन लाल बारादरी की घेराबंदी पर विरोध, नमाज़ के लिए प्रवेश रोके जाने का आरोप

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: लखनऊ यूनिवर्सिटी में उस समय छात्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया जब प्रशासन ने परिसर के भीतर स्थित मुगलकालीन संरचना लाल बारादरी के चारों ओर यह कहते हुए घेराबंदी कर दी कि यह अनधिकृत है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह इमारत जर्जर हालत में है और संरचनात्मक रूप से कमजोर भवन में प्रवेश रोकने के लिए केवल सुरक्षा उपाय के तौर पर घेराबंदी की गई है।

रमज़ान के दौरान नमाज़ अदा करने का रास्ता बाधित हुआ

छात्रों का यह भी दावा है कि इस कदम से मुस्लिम छात्रों और समुदाय के लोगों के लिए उस संरचना के भीतर स्थित मस्जिद में रमज़ान के दौरान नमाज़ अदा करने का रास्ता बाधित हुआ है; हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दावे का खंडन किया है। रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लाल बारादरी में घेराबंदी का काम शुरू होते ही विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। नेशनल स्टू़डेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (NSUI) और समाजवादी छात्र सभा के सदस्यों के नेतृत्व में छात्रों ने इसे “अनधिकृत” करार दिया।

लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर, प्रो. राकेश द्विवेदी ने कहा, "कल एक घटना हुई जिसमें दो स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन आमने-सामने आ गए। इसी सिलसिले में आज हमने दोनों ऑर्गनाइज़ेशन को सुना है। एक ऑर्गनाइज़ेशन ने हमें अपना मेमोरेंडम दिया है, और दूसरा ऑर्गनाइज़ेशन भी जल्द ही अपना मेमोरेंडम देने वाला है..."

NSUI के राष्ट्रीय समन्वयक विशाल सिंह ने कहा, “जिस गेट से हमारे मुस्लिम भाई लाल बारादरी में नमाज़ अदा करने जाते थे, उसे बंद कर सील कर दिया गया है। हमारा विरोध फिलहाल भवन के बाहर जारी है।” उन्होंने कहा कि वे हॉल को दोबारा खोलने और संरचना के संरक्षण की मांग कर रहे हैं तथा विश्वविद्यालय से आग्रह किया है कि वह Archaeological Survey of India (एएसआई) से निरीक्षण कराकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करे।

परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया

समाजवादी छात्र सभा के नेता प्रेम प्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिना पूर्व सूचना के की जा रही है, वह भी रमज़ान के दौरान। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। वहीं विश्वविद्यालय का कहना है कि कुछ छात्रों ने घेराबंदी के हिस्से हटा दिए और स्थल के पास रखी निर्माण सामग्री फेंक दी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

हिंंदू छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द का दिया संदेश

विशाल ने यह भी दावा किया कि लाल बारादरी भवन के बाहर नमाज़ अदा की गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्र नमाज़ पढ़ते दिखे, जबकि अन्य छात्र मानव श्रृंखला बनाकर खड़े रहे। विशाल ने इसे तनावपूर्ण माहौल के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश बताया और कहा कि नमाज़ के बाद छात्रों ने वहीं रोज़ा भी खोला। वीडियो में देखा जा सकता है कि हिंदू स्टूडेंट्स कंधे से कंधा मिलाकर ह्यूमन चेन बनाकर खड़े हुए ताकि उनके मुस्लिम भाई शांति से नमाज़ पढ़ सकें। बाद में, वे उनका रोज़ा खोलने के लिए भी उनके साथ शामिल हुए।

इमारत के अंदर कोई मस्जिद नहीं- कुलसचिव भावना मिश्रा

लाल बारादरी में पहले एक बैंक और कैंटीन संचालित होते थे, लेकिन भवन की खराब हालत के चलते 2017-18 के आसपास दोनों ने वहां काम बंद कर दिया। परिसर में प्रवेश पर रोक के निर्देश जारी किए गए थे, फिर भी कुछ छात्र कथित रूप से वहां जाते रहे। जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय की कुलसचिव भावना मिश्रा ने कहा कि प्रशासन को इस बात की जानकारी नहीं है कि भवन के भीतर नमाज़ अदा की जाती रही है, और उन्होंने स्पष्ट किया कि इमारत के अंदर कोई मस्जिद नहीं है। उन्होंने बताया कि संरचना के जर्जर होने के बाद 2017 में वहां संचालित सभी गतिविधियां अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दी गई थीं।

विरासत संरचना के रूप में संरक्षित करने की योजना है

कुलसचिव ने कहा कि सुरक्षा चिंताओं के मद्देनज़र कुछ छात्रों द्वारा भवन में प्रवेश किए जाने की सूचना के बाद घेराबंदी की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम एएसआई और अन्य प्राधिकरणों के साथ पत्राचार में हैं। इसे विरासत संरचना के रूप में संरक्षित करने की योजना बनाई जा रही है।” विश्वविद्यालय ने शनिवार को हसनगंज थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को भी पत्र लिखकर भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था। कुलसचिव मिश्रा ने कहा कि घेराबंदी के दौरान कुछ छात्रों द्वारा बाधा उत्पन्न किए जाने की आशंका के मद्देनज़र एहतियातन यह पत्र भेजा गया था।




TAGS : lucknow  |  Religion