नई दिल्ली, भारत: पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को एआई समिट विरोध मामले में राजीव कुमार को अग्रिम जमानत दे दी। इससे पहले उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया गया था। यह विरोध प्रदर्शन इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों द्वारा 20 फरवरी को एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) के दौरान भारत मंडपम में किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) अमित बंसल ने दिल्ली पुलिस और आरोपी के वकील की दलीलें सुनने के बाद राजीव कुमार को अग्रिम जमानत प्रदान की।
अदालत ने आरोपी को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है और यह भी कहा कि यदि गिरफ्तारी की आवश्यकता हो, तो दिल्ली पुलिस सात दिन पहले नोटिस देगी। राजीव कुमार की ओर से अधिवक्ता अमरीश रंजन पांडे पेश हुए। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोप केवल विरोध प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग से जुड़े हैं और आरोपी पहले ही जांच में सहयोग कर चुका है।
VIDEO | Delhi: On the Patiala House Court hearing of the anticipatory bail plea in the AI Summit shirtless protest case, advocate Amrish Ranjan Pandey, counsel for Rajeev Kumar, says, "On the first date, we were granted anticipatory relief and were asked to join the… pic.twitter.com/10xdNBATOd
— Press Trust of India (@PTI_News) March 28, 2026
अदालत पहले ही कई आरोपियों को जमानत दे चुकी है
इस मामले में अदालत पहले ही कई आरोपियों को जमानत दे चुकी है, जिनमें उदय भानु चिब भी शामिल हैं, जो इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में विकास चिकारा को भी अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार उन्हें साजिशकर्ता माना गया है और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया था।
उन्हें क्राइम ब्रांच कार्यालय में जांच में शामिल होने का निर्देश दिया गया था। दरअसल, इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "Compromised PM" लिखे नारे के साथ अपनी शर्ट उतारकर विरोध जताया था। इस मामले में सात यूथ कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया था।