नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (23 मार्च) को पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को लेकर लोकसभा को संबोधित किया। पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब से युद्ध शुरू हुआ है, तब से 3,75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं। ईरान से अब तक करीब 1,000 भारतीय सुरक्षित वापस आए हैं, जिनमें से 700 से अधिक मेडिकल छात्र हैं। स्थिति को देखते हुए CBSE ने खाड़ी देशों के स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और छात्रों की पढ़ाई बिना बाधा जारी रहे, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कच्चा तेल, गैस, उर्वरक और कई आवश्यक वस्तुओं की बड़ी मात्रा भारत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। युद्ध शुरू होने के बाद से इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसके बावजूद हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए हैं कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर गंभीर असर न पड़े।
#WATCH | On the West Asia conflict, Prime Minister Narendra Modi says, "Since the war began, more than 3,75,000 Indians have returned safely to India. From Iran, nearly 1,000 Indians have returned safely so far, of which over 700 are medical students. In view of the situation,… pic.twitter.com/laIMJ2KDjX
— ANI (@ANI) March 23, 2026
घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसा कि हम जानते हैं, देश अपनी एलपीजी की जरूरत का 60% आयात करता है। आपूर्ति में अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। साथ ही, LPG के घरेलू उत्पादन को भी बढ़ाया जा रहा है। पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु बनी रहे, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया के देशों के नेताओं के सामने भारत की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया।
अब तक 3,75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौटे
पीएम मोदी ने कहा, “खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। वहां वाणिज्यिक जहाज भी संचालित होते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि संकट के समय भारतीयों की सुरक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बचाव अभियानों के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3,75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। उन्होंने बताया, “ईरान से अब तक करीब 1,000 भारतीय सुरक्षित वापस आए हैं, जिनमें से 700 से अधिक मेडिकल छात्र हैं।”