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आंध्र प्रदेश: अमरावती पर प्रस्ताव का स्वागत, लेकिन फंडिंग कहां है? वाईएस शर्मिला का सवाल...

By: GTC Bharat Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 29th 2026 01:24 PM

आंध्र प्रदेश: अमरावती पर प्रस्ताव का स्वागत, लेकिन फंडिंग कहां है? वाईएस शर्मिला का सवाल...
आंध्र प्रदेश: अमरावती पर प्रस्ताव का स्वागत, लेकिन फंडिंग कहां है? वाईएस शर्मिला का सवाल...

विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) की अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला रेड्डी ने शनिवार को अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में वैधानिक मान्यता देने वाले विधानसभा प्रस्ताव का स्वागत किया, लेकिन फंडिंग और केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों को लेकर कई सवाल उठाए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने विस्तृत पोस्ट में उन्होंने कहा,"अमरावती की वैधानिक स्थिति की पुष्टि करने वाला प्रस्ताव स्वागत योग्य है। केंद्र से धारा 5 में संशोधन की मांग भी उचित है।" हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि धारा 94(3) के तहत फंडिंग सुनिश्चित करने में इतनी तत्परता क्यों नहीं दिखाई गई, जो राजधानी निर्माण के लिए केंद्र की वित्तीय सहायता को अनिवार्य बनाती है।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधते हुए उन्होंने पूछा कि क्या सिर्फ धारा 5 (उपधारा 2) में "अमरावती में" जोड़ देना ही पर्याप्त है, बिना वित्तीय प्रतिबद्धताओं के। उन्होंने कहा "क्या यह उत्साह फंड की मांग तक नहीं पहुंचता? क्या केवल गजट नोटिफिकेशन से अमरावती का सपना साकार हो सकता है?।" शर्मिला ने यह भी सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार ने केंद्र को उसकी जिम्मेदारियों के लिए पर्याप्त रूप से जवाबदेह ठहराया है।

उन्होंने प्रतीकात्मक कदमों की आलोचना करते हुए कहा, "क्या हम सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई एक कलश पानी और मिट्टी की टोकरी से संतुष्ट हो जाएं? बिल्कुल नहीं।" उन्होंने अमरावती के निर्माण पर अनुमानित 1 लाख करोड़ रुपये के खर्च को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इसका पूरा बोझ जनता पर डालना उचित नहीं है। "क्या पूरा बोझ जनता पर डाल दिया जाएगा?" उन्होंने पूछा और गठबंधन सरकार से विधानसभा में अपना स्पष्ट रुख बताने की मांग की।

विपक्ष का हमला

इस बीच, युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी ने इस प्रस्ताव को "राजनीतिक ड्रामा" करार दिया। पार्टी नेता सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने आरोप लगाया कि यह कदम जनता का ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अमरावती के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसके विकास में भ्रष्टाचार और शोषण का विरोध करती है। उन्होंने परियोजना की बढ़ती लागत और धीमी प्रगति पर भी सवाल उठाए।